भारतीय रेलवे के इतिहास में वंदे भारत एक्सप्रेस एक नया अध्याय लिख रही है। तेज रफ्तार, आधुनिक सुविधाएं और विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकों के साथ, ये ट्रेनें न केवल समय बचा रही हैं बल्कि यात्रा को आरामदायक भी बना रही हैं।

कनेक्टिविटी में क्रांति

रेल मंत्रालय के अनुसार, अगले दो वर्षों में ४०० नई वंदे भारत ट्रेनें पटरियों पर दौड़ेंगी। इसका उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों को आर्थिक केंद्रों से जोड़ना है।

यात्रियों का अनुभव भी अब बदल गया है। साफ-सफाई, ऑन-बोर्ड वाई-फाई और रिवॉल्विंग सीट्स जैसी सुविधाओं ने इसे हवाई यात्रा का एक मजबूत विकल्प बना दिया है।

आत्मनिर्भर भारत की मिसाल

ये ट्रेनें पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित हैं, जो 'मेक इन इंडिया' पहल की सफलता का प्रमाण हैं। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में निर्मित इन ट्रेनों ने वैश्विक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है।