तीन दिनों की जोरदार तेजी के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। BSE सेंसेक्स 503.76 अंक यानी 0.6% की गिरावट के साथ 83,313.93 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 133.20 अंक गंवाकर 25,642.80 पर दिन खत्म किया।
तबाही की शुरुआत कहां से हुई
अमेरिका में AI ऑटोमेशन को लेकर बढ़ती चिंताओं ने टेक शेयरों में भारी बिकवाली शुरू कर दी। इसकी लहर एशियाई बाजारों तक पहुंची। निफ्टी IT इंडेक्स बुधवार को पहले ही लगभग 6% गिर चुका था और गुरुवार को भी दबाव जारी रहा। इंफोसिस 6.1%, TCS 5.2%, HCL टेक 4.6% और टेक महिंद्रा 4.2% टूटे।
मेटल शेयरों पर भी वार
सिर्फ IT नहीं, मेटल शेयरों ने भी निवेशकों को निराश किया। हिंडाल्को, वेदांता और हिंदुस्तान जिंक में 3-5% की गिरावट आई। MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) 5.2% टूटा। चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 9.3% गिरीं, जिसने माइनिंग शेयरों को नीचे खींचा।
कौन बचा लाल बाजार में
बाजार के इस खून-खराबे में क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट शेयरों ने चमत्कार दिखाया। देवयानी इंटरनेशनल 10% और वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड 13% तक उछले। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों ने भी 2-2.7% की बढ़त दर्ज की।
आगे क्या
शुक्रवार को RBI का मॉनेटरी पॉलिसी फैसला आने वाला है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि रेपो रेट 5.25% पर अपरिवर्तित रहेगी। लेकिन इतने अस्थिर बाजार में, गवर्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस का लहजा भी बाजार की दिशा तय कर सकता है।
